कंटकारी, बड़ी कटेरी, कटेरी, अडेरी, ममोली, छमक निमोली, एक कांटेदार पौधे के नाम हैं जिसे Solanum virginianum, Surattense nightshade, or yellow fruit nightshade भी कहते हैं. देहात में इस पौधे को भट कटैय्या, ज़हर, जंगली बैंगन, कट बैंगन आदि नामों से भी जाना जाता है.
इस पौधे के पत्ते कटे किनारों वाले लम्बे आकर के और कांटों से भरे होते हैं. इसका फल गोल होता है वह भी काँटों से भरा होता है. इसमें बैंगन के फूल जैसा ही बैंगनी रंग का फूल खिलता है इसलिए इसे जंगली बैंगन कहा जाता है. इसके फूल और कंटीले पौधे से इसकी पहचान आसानी से हो जाती है. काँटों की वजह से इसे जानवर नहीं खाते और आम लोग भी इससे दूर ही रहते हैं.
इसमें बैगनी, नीले रंग के फूल खिलते हैं. फूल एक शाखा में दो एक दूसरे विपरीत मुख किये हुए होते हैं. फूल के बीच में पीले रंग का जीरा होता है. इसका फूल देखने में सुंदर लगता है और बैंगन के फूल की तरह होता है.
गांव देहात में इसके फल को दवाई के रूप में प्रयोग किया जाता है. सूखा फल पीस छानकर थोड़ी मात्रा में सूंघने से बहुत छींकें आती हैं और पुराना रुका हुआ ज़ुकाम खुल जाता है. इसी चूर्ण को पानी में मिलाकर खुजली और दाद पर लगाने से फायदा होता है.







