मंगलवार, 11 दिसंबर 2018

अमरबेल

अमरबेल को आकाश बेल, अकास बोंग, और स्वर्ण लता भी कहते हैं. ये पीले रंग की लम्बे लम्बे धागों की शक्ल में पेड़ो पर लटकती हैं. ये एक परजीवी पौधा है. ये बबूल, आम, बेर आदि के पौधों पर चढ़ जाती है. इसका पौधा ज़मीन में बीज से उगता है. लेकिन जल्दी ही ये ज़मीन से नाता तोड़ कर किसी पास के पौधे से लिपट जाती है. इसकी जेड पौधे के तने और शाखाओं में धंस जाती हैं और पौधे का रस और पोषक पदार्थ चूस कर ये परवान चढ़ती है.
कहते हैं इसके शाखा तोड़कर किसी पौधे पर डाल दी जाए तो भी ये पनप जाती है. पौधे इसके असर से सूख जाते हैं. इसमें बहुत छोटे फूल खिलते हैं और बाद में बीज बन जाते हैं. ये बीज ज़मीन में 7 -8 वर्षों तक भी पड़े रह सकते हैं और अनुकूल वातावरण मिलने पर फूटते हैं.
अमरबेल वर्षों से देसी दवाओं में प्रयोग की जा रही है. बालों को उगने और बढ़ने में ये बहुत उपयोगी है. इसका तेल बनाकर सर में लगाने से बालो का झड़ना रूक जाता है. नए बालों के उगने में ये मदद करती है.
पीलिया रोग में ये उपयोगी है. इसका काढ़ा बनाकर पीने से पीलिया जाता रहता है.
मिर्गी और शरीर के कांपने में भी ये एक उपयोगी दवा है.


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