कपिकच्छु एक बेल है जो झाड़ियों और पेड़ों पर लिपटती है. इसे केवांच, कौंच, आदि भी कहते हैं. इसमें सेम की तरह फलियां लगती हैं लेकिन वह सेम की फलियों से ज़्यादा मोटी और गोलाई लिए होती हैं और इन पर रोआं होता है. इस रोएं के कारण ही इसे अंग्रेजी में velvet bean या मखमली फली कहते हैं.
इसका नाम कपिकच्छु इसलिए पड़ा है कि बंदर जब इसे छूने या इसके पास जाने की कोशिश करता है तो इसका रोआं लग जाने से बहुत खुजली होती है. तभी इसे बंदर की खुजली या कपिकच्छु नाम दिया गया.
अंग्रेज़ों ने देखा कि इसकी खुजली गायों के लग जाती है तो उन्होंने इसका नाम cowitch गाय की खुजली या cowhage रखा.
इसकी फलियों पर बारीक़ रेशे या रोआं होने के कारण ही इसे कवच शब्द से पहचान मिली। यानि यह फली ऐसी है जिसने अपनी रक्षा के लिए कवच बना रखा है. इसकी फलियां सूखने पर इसका रोआं हवा से उड़ने लगता है और उधर से निकलने वालों के शरीर में खुजली पैदा करता है.
यह दो प्रकार का होता है. एक के बीज सफेद रंग के दूसरे के बीज काले होते हैं. इसके बेज मोटे सेम के बीजों के आकर के लेकिन बड़े होते हैं. बरसात में इसकी बेलें खूब बढ़ती हैं और जाड़ों में इसमें फूल आते हैं. इसकी फलियों की सब्ज़ी भी बनाकर खाई जाती है. इसके छिलके का ऊपर का भाग छीलकर निकाल देते हैं. या फिर केवल बीजों की ही सब्ज़ी बनाते हैं.
सफेद कौंच की फलियां कच्ची हालत में साफ़ हरी दिखाई देती हैं. जबकि काले कौंच की फलियां कच्ची हालत में कुछ कालापन लिए होती हैं.
पहले ज़माने में इसके रुएँ को पेट के कीड़े मारने के लिए गुड़ के अंदर रख कर खिलाते थे जिससे यह पेट में जाकर कीड़ों को नष्ट करे. लेकिन यह एक खतरनाक दवा है और इसका प्रयोग खतरे से खाली नहीं।
कौंच के बीजों का प्रयोग बलवर्धक और पुरुष यौन विकारों के इलाज में किया जाता है. कौंचपाक एक आयुर्वेदिक दवा है जिसका मुख्य अवयव कौंच है.
कौंच मूड को अच्छा बनाने, डिप्रेशन दूर करने और एक जनरल टॉनिक के रूप में अच्छी वनस्पति है. इसके बीजों का प्रयोग शुद्ध करके ही किया जाता है. इन बीजों को पानी या दूध में भिगोकर उबाल लिया जाता है और उनका छिलका उतरकर सुखाकर कूटकर दवा में प्रयोग किया जाता है. बिना शुद्ध किए प्रयोग करने से यह नुक्सान करता है और गंभीर समस्याएं उतपन्न होती हैं.
इस वनस्पति में रक्तरोधक गुण भी हैं. विशेष तौर से बवासीर के खून को बंद करने में सहायक है यदि इसका विधिवत प्रयोग किया जाए.


