रविवार, 10 मई 2026

ढाक, पलाश, टेसू Butea monosperma

ढाक, पलाश, टेसू  एक वृक्ष है जिसके पत्ते बीते ज़माने में डिस्पोजेबल प्लेट्स की तरह इस्तेमाल किये जाते थे. उत्तरी भारत का यह बहुत जाना माना पेड़ है. हलवाई इसी के पत्तों से बने दौने  में मिठाई देते थे. हरे और सूखे दोनों तरह के पत्ते काम में लिए जाते थे. ढाक के तीन पत्ते एक शाखा में लगते थे जिससे कहावत बनी है ढाक के तीन पात. 



मार्च में यह पेड़ फूलों से लद जाता है. इसके पेड़ों को देखकर ऐसा लगता है जैसे जंगलों में आग लगी हो. फूलों का रंग गहरा नारंजी होता है. इन फूलों को पानी के साथ उबालने पर पीला रंग निकलता है जिसमें कपड़े रंगे जाते थे. इसके फूलों को टेसू के फूल कहते हैं. टेसू के रंगे कपड़े न केवल गर्मी में त्वचा को आराम देते है बल्कि स्किन की बीमारियों से भी बचाते हैं. 

टेसू का सामाजिक महत्व भी है. पहले इसी के रंग से होली का त्यौहार मनाया जाता था. ये आसानी से मिल सकता था और इसका रंग बिना पैसा खर्च किये फूलों को पानी के साथ पकाकर निकाला जा सकता था. 


टेसू के फूल दवाई में प्रयोग किये जाते हैं. सूजन और द्रर्द के इलाज में इनका बड़ा महत्व है. नसों  का फूल जाना, अंडकोष की सूजन, बवासीर का दर्द, गठिया की तकलीफ सभी में टेसू के फूल पानी में पकाकर उस पानी में कपड़ा भिगोकर दर्द और सूजन वाले स्थान की सिंकाई की जाती थी. 

इसके बीजों को पलाश पापड़ा कहा जाता है. इनका भी दवाई महत्व है. इसका गोंद कमरकस या चुनिया गोंद के नाम से बाज़ार मैं मिल जाता है और दवाई में इस्तेमाल होता  है.

सोमवार, 2 मार्च 2026

क्राउन आफ थॉर्न

क्राउन आफ थॉर्न या काँटों का मुकुट, यूफोर्बिएसी कुल का पौधा है. इसका तना कांटों भरा होता है. फरवरी, मार्च में इसमें गुच्छों में सुंदर फूल खिलते हैं. 


यह  दूध वाला पौधा है. कांटे अधिक होने से और ज़हरीला   इसे जानवरों से बचाता है. इसे सुंदर फूलों के लिए घरों और बगीचों में लगाया जाता है. इसका पत्ता या तना तोड़ने से दूध निकलता है जो ज़हरीला होता है और कीड़े मकौड़ों के मार सकता है आँख में जाने पर जलन, खुजली, सूजन पैदा करता है तधा त्वचा को भी नुकसान करता है. 

इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें और इसकी देखभाल करते समय सावधानी बरतें। 

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

बटरकप Buttercup, Ranunculus bulbosus

बटरकप एक सुंदर मौसमी पौधा है. इसे रैननकुलस बल्बोसस कहते हैं. इसका फूल  गुलाबी, सफेद, ऑरेन्ज, ब्लड रेड आदि रंगों का होता है. यह होम्योपैथी में एक महत्वपूर्ण दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है. 


यह पौधा घरों और बगीचों में सजावटी पौधे के रूप में लगाया जाता है. इसके फूल फरवरी, मार्च में खिलते हैं. यह पौधा ज़हरीला होता है इसलिए इसे घरों में बच्चों की पहुंच से दूर रखें। ज़हरीला होने की वजह से इसे जानवर  भी नहीं खाते। 

इसका ज़हरीला प्रभाव त्वचा में खुजली पैदा करता है. खाने से पेट में पहुंचने पर यह मैदे और आँतों की सूजन पैदा कर सकता है जिससे पेट दर्द, मिचली, उलटी की शिकायत हो सकती है. 


होम्योपैथी में यह एक दर्द निवारक दवा है. त्वचा के रोगों, गठिया, सीने में दर्द, और आँखों के रोगों में सिम्पटम के अनुसार डाक्टरों द्वारा प्रयोग की जाती है. 

आम आदमी इसे प्रयोग न करें। सजावटी पौधों को घरों में बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

Popular Posts

ढाक, पलाश, टेसू Butea monosperma

ढाक, पलाश, टेसू  एक वृक्ष है जिसके पत्ते बीते ज़माने में डिस्पोजेबल प्लेट्स की तरह इस्तेमाल किये जाते थे. उत्तरी भारत का यह बहुत जाना माना पे...