गोंदनी, या गोंदी एक मध्यम आकार का वृक्ष है. इसका वैज्ञानिक नाम Cordia sinensis है. इसमें पीले संतरे के रंग के छोटे फल लगते हैं. यह खाने में मीठे और चिपचिपे होते हैं. यह लभेड़े और लाशोरे की प्रजाति का वृक्ष है.
इसका वृक्ष अधिक ऊंचाई तक नहीं बढ़ता। इसमें सूखे वातावरण को सहन करने की अद्भुत शक्ति है. इसकी जड़ें ज़मीन में गहरी जाती हैं इसलिए यह सूखे मौसम को आसानी से बर्दाश्त कर लेता है. इसका स्वभाव लभेड़ा की तरह ही ठंडा होता है. इसका चिपचिपा पदार्थ खांसी, और बलगम निकालने में सहायता करता है. इसका चिपचिपा पदार्थ आंतो की समस्याओं में भी लाभकारी है. यह आँतों के हानिकारक जीवाणुओं को नष्ट करता है. वे इसमें लिपटकर आसानी से बाहर निकल जाते हैं.
इसके पौधे में दो बार फल आते हैं. गर्मियों में मई जून माह में इसके फल पक जाते हैं. दोबारा नवंबर, दिसंबर में इसमें फल आते हैं.
बच्चे और चिड़ियां इसके पहल बहुत चाव से खाती हैं और इसके छोटे बीज दूर तक बिखेरने का साधन बनती हैं. जैव विविधता के लिए इसके पौधों को लगाना चाहिए। फलों से लदा यह पेड़ बहुत सुंदर लगता है.



