सागौन, सागवान या टीक का वृक्ष एक बहुउपयोगी वृक्ष है. इसको इमारती लकड़ी प्राप्त करने के लिए लगाया जाता है. यह पचास, साठ फुट या इससे भी अधिक ऊंचाई तक बढ़ सकता है. यह सीधा बढ़ता है और इसकी लकड़ी मज़बूत होती है. मज़बूत होने के साथ ही यह कोरों या शीशम जैसी भारी नहीं होती।
इसकी लकड़ी का उपयोग फर्नीचर बनाने, नावें और जहाज़ बनाने में किया जाता है क्योंकि यह पानी से जल्दी खराब नहीं होती। इमारती कामों में दरवाज़े और खिड़कियां बनाने में भी इसका बहुत उपयोग होता है.
इसके पत्ते बड़े बड़े होते हैं. इनमें रोएं होते हैं जिससे यह खुरदुरे लगते हैं. पत्तों का उपयोग खाने के लिए प्लेटें बनाने में किया जाता है या फिर खोमचे वाले इसके हरे पत्तों का उपयोग खाने की वस्तुएं देने के लिए करते हैं.
बरसात में इसमें गुच्छों में फूल खिलते हैं. यह फुल सफेद रंग के और छोटे होते हैं. इसका बीज रसभरी की तरह एक आवरण से ठका रहता है. इसका बीज गोलाकार, रोएंदार होता है. इसके फूलों और गुच्छों की वजह से इसे आसानी से पहचाना जा सकता है.



