kaner लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
kaner लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 12 जून 2016

कनेर

कनेर सफ़ेद और लाल होता है. इसके पौधे बड़े शहरों में फुटपाथ पर खूबसूरती के लिए लगाए जाते हैं. रेलवे  स्टेशनों और बागों, पार्कों में भी आम तौर से मिल जाता है. इसकी एक वैराइटी पीले रंग की होती है.
ये एक दूध वाला पौधा है इसलिए बिना पानी के बहुत दिनों रह जाता है. फुटपाथों पर इसके लगाने की  वजह यही है की कम पानी में भी ज़िंदा रहे.
ये एक ज़हरीला पौधा है. जानवर इसे नहीं खाते और घोड़े के लिए तो ये घातक है. इसका दूध या लेटेक्स स्किन पर घाव और छाले पैदा करता है. इसके पत्तों के रस को सूंघने से छींकें आती हैं. इसका प्रयोग छींकें लाने के लिए करते हैं. हकीम लोग इसकी जड़ की छाल का इस्तेमाल तिला बनाने के दवाओं में करते हैं.

Popular Posts

कपिकच्छु, केवांच, कौंच Mucona pruriens

कपिकच्छु एक बेल है जो झाड़ियों और पेड़ों पर लिपटती है. इसे केवांच, कौंच, आदि भी कहते हैं. इसमें सेम की तरह फलियां लगती हैं लेकिन वह सेम की फलि...