tulsi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
tulsi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 27 अगस्त 2016

तुलसी का पौधा

तुलसी का पौधा एक वार्षिक हर्ब है. ये काली और सफ़ेद दो वैराइटी में पायी जाती है. इसकी गंध दूर से ही पहचान में आ जाती है. इसे holy basil या पवित्र तुलसी का नाम दिया गया है.
ये बुखारों के लिए फायदेमंद है. इसमें जर्मस को दूर करने की शक्ति है. गले का दर्द, गले की खराश, गाला बैठ जाना, ज़ुकाम और बुखार में इसकी पत्तियों को पानी में उबाल कर पीते हैं. कुछ लोग इसे चाय के साथ भी मिला कर पीते हैं जिससे चाय सुगन्धित हो जाती है.

तुलसी के पत्तों को काली मिर्च के साथ पीसकर खाने से पुराने बुखारों में भी लाभ होता है. कीड़े पतिंगे आदि के काटने पर इसकी पत्तियों को काटे हुए स्थान पर रगड़ने से लाभ होता है और शरीर में सूजन नहीं आती.
इसके बीज बहुत बारीक होते हैं. तुलसी मूत्र विकारों और गुर्दे की पथरी में भी लाभकारी है. अपने diuretic गुण के कारण ये गुर्दे की सफाई करती है और यूरिक एसिड से छुटकारा दिलाती है.
इसकी पत्तियां चबाने से मुख की दुर्गन्ध दूर होती है और जीवाणुओं को मारने के गुण के कारण दांतों और मसूढ़ों की सेहत को बेहतर बनाती है.
इसके बीज डिसेंट्री में लाभ करते हैं.

Popular Posts

कपिकच्छु, केवांच, कौंच Mucona pruriens

कपिकच्छु एक बेल है जो झाड़ियों और पेड़ों पर लिपटती है. इसे केवांच, कौंच, आदि भी कहते हैं. इसमें सेम की तरह फलियां लगती हैं लेकिन वह सेम की फलि...