सोमवार, 11 मई 2026

अड़ूसा Adhatoda Vasica

अड़ूसा एक सदाबहार पौधा है। यह मध्यम ऊंचाई का होता है। इसे खेतों और बागों की मेड़ों पर बाढ़ के रूप में लगाया जाता है। इसके सफेद फूल गुच्छों में लगते हैं। इसके फूलों से इसकी पहचान आसानी से हो जाती है।

फूल गिरने के बाद इसका फल लगता है जो लगभग एक इंच लंबा और एक धारी से दो भागों 
 बटा दिखाई देता है। इस फल में काले रंग के बीज होते हैं।
में 

इस पौधे को बीज से या फिर इसका दब्बा लगाकर नया पौधा बनाया जा सकता है। कटिंग से भी लग जाता है।

खांसी, सीने और फेफड़ों के रोग इससे ठीक होते हैं। कहते हैं कि खांसी इस दुनिया में नही रह सकती जबतक वासा इस दुनिया में है। यह स्वभाव से एंटीसेप्टिक है। पेट के कीड़े भी इसके प्रयोग से समाप्त हो जाते हैं। दवाई के रूप में इसके पत्ते इस्तेमाल किये जाते हैं। इनका काढ़ा बनाकर पिलाते हैं।

यह वासा जाति का पौधा है। इसी की दूसरी जाति पियावासा कहलाती है। पीले फूलों के कारण ही इसे पीला वासा, या पीत वासा या पियावासा कहते हैं। पियावासा को वज्रदंती भी कहते हैं।


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