सोमवार, 2 मार्च 2026

क्राउन आफ थॉर्न

क्राउन आफ थॉर्न या काँटों का मुकुट, यूफोर्बिएसी कुल का पौधा है. इसका तना कांटों भरा होता है. फरवरी, मार्च में इसमें गुच्छों में सुंदर फूल खिलते हैं. 


यह  दूध वाला पौधा है. कांटे अधिक होने से और ज़हरीला   इसे जानवरों से बचाता है. इसे सुंदर फूलों के लिए घरों और बगीचों में लगाया जाता है. इसका पत्ता या तना तोड़ने से दूध निकलता है जो ज़हरीला होता है और कीड़े मकौड़ों के मार सकता है आँख में जाने पर जलन, खुजली, सूजन पैदा करता है तधा त्वचा को भी नुकसान करता है. 

इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें और इसकी देखभाल करते समय सावधानी बरतें। 

शनिवार, 28 फ़रवरी 2026

बटरकप Buttercup, Ranunculus bulbosus

बटरकप एक सुंदर मौसमी पौधा है. इसे रैननकुलस बल्बोसस कहते हैं. इसका फूल  गुलाबी, सफेद, ऑरेन्ज, ब्लड रेड आदि रंगों का होता है. यह होम्योपैथी में एक महत्वपूर्ण दवा के रूप में प्रयोग किया जाता है. 


यह पौधा घरों और बगीचों में सजावटी पौधे के रूप में लगाया जाता है. इसके फूल फरवरी, मार्च में खिलते हैं. यह पौधा ज़हरीला होता है इसलिए इसे घरों में बच्चों की पहुंच से दूर रखें। ज़हरीला होने की वजह से इसे जानवर  भी नहीं खाते। 

इसका ज़हरीला प्रभाव त्वचा में खुजली पैदा करता है. खाने से पेट में पहुंचने पर यह मैदे और आँतों की सूजन पैदा कर सकता है जिससे पेट दर्द, मिचली, उलटी की शिकायत हो सकती है. 


होम्योपैथी में यह एक दर्द निवारक दवा है. त्वचा के रोगों, गठिया, सीने में दर्द, और आँखों के रोगों में सिम्पटम के अनुसार डाक्टरों द्वारा प्रयोग की जाती है. 

आम आदमी इसे प्रयोग न करें। सजावटी पौधों को घरों में बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

सोमवार, 8 सितंबर 2025

कटेरी, Yellow fruit nightshade

 कंटकारी, बड़ी कटेरी, कटेरी, अडेरी, ममोली, छमक निमोली, एक कांटेदार पौधे के नाम हैं जिसे Solanum virginianum, Surattense nightshade, or yellow fruit nightshade  भी कहते हैं. देहात में इस पौधे को भट कटैय्या, ज़हर, जंगली बैंगन, कट बैंगन आदि नामों से भी जाना जाता है. 

इस पौधे के पत्ते कटे किनारों वाले लम्बे आकर के और कांटों से भरे होते हैं. इसका फल  गोल होता है वह भी काँटों से भरा होता है. इसमें बैंगन के फूल जैसा ही बैंगनी रंग का फूल खिलता है इसलिए इसे जंगली बैंगन कहा जाता है. इसके फूल और कंटीले पौधे से इसकी पहचान आसानी से हो जाती है. काँटों की वजह से इसे जानवर नहीं खाते और आम लोग भी इससे दूर ही रहते हैं. 

इसमें बैगनी, नीले रंग के फूल खिलते हैं. फूल एक शाखा में दो एक दूसरे विपरीत मुख किये हुए होते हैं. फूल के बीच  में पीले रंग का जीरा होता है. इसका फूल देखने में सुंदर लगता है और बैंगन के फूल की तरह होता है. 

गांव देहात में इसके फल को दवाई के रूप में प्रयोग किया जाता है. सूखा फल पीस छानकर थोड़ी मात्रा में सूंघने से बहुत छींकें आती हैं और पुराना रुका हुआ ज़ुकाम खुल जाता है.  इसी चूर्ण को पानी में मिलाकर खुजली और दाद पर लगाने से फायदा होता है. 

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