मंगलवार, 8 अगस्त 2023

कनक चम्पा / मुचकुन्द का वृक्ष

 कनक चम्पा , मुचकुन्द  एक बड़ा वृक्ष है. इसके पत्ते बड़े और कटे किनारों वाले, मैपल के पत्तों से मिलते जुलते होते हैं. बड़े होने के कारण इसके पत्ते टहनियों में इस प्रकार लटकते हैं की मुरझाये हुए से लगते हैं.


फरवरी से लेकर जुलाई महीने तक इसमें बड़े बड़े हलके पीले रंग के फूल खिलते हैं. ये फूल पीली चमेली जिसे आम तौर से चंपा कहा जाता है के फूलों के सामान होने के कारण ही इसका नाम कनक चम्पा पड़ा है. 

वैसे इसका नाम संस्कृत पुस्तकों में मुचकुन्द है. ये सारे भारत में पाया जाने वाला पौधा है और विविध पर्यावरण में आसानी से लग जाता है. इसकी लकड़ी का रंग लाल होता है. इसे इमारती लकड़ी के रूप में प्रयोग किया जाता है. 


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